छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन " जो एक विशाल छंदमयी साझा संकलन है, जिसमें 1019 पृष्ठ हैं एवं छत्तीसगढ़ के 72 विषयों के साथ साथ 117 प्रकार के छंदों में विषयों को छंदबद्ध किया गया है। छत्तीसगढ़ एवं विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने अपना अमूल्य योगदान देकर इस ग्रंथ को मूल रूप दिया है।यह अनमोल ग्रंथ छत्तीसगढ़ के लिए एक वरदान सिद्ध होगा।शिक्षा की दृष्टि से छात्र छात्राएँ इसका अध्ययन कर लाभान्वित होंगे।
छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन में संपादकीय प्रमुख डॉ. आशा आजाद, सुकमोती चौहान"रुचि" छत्तीसगढ़ की दो बेटियों ने अपने एक वर्ष के अथक प्रयास और संघर्ष से यह ग्रंथ तैयार किया है। इस ग्रंथ में छत्तीसगढ़ बनाने के लिए किये गये 5 वर्षीय अखण्ड आंदोलन व संघर्ष, छत्तीसगढ़ के इतिहास, विकास गाथा, राज्य की उत्पत्ति, आधार, आकार, संरचना,सीमाएँ, जनसांख्यिकी, सामाजिक ढांचा, राजनैतिक परिवेश, आर्थिक स्थिति, राज्य की संस्कृति, कला और साहित्य, राज्य की उपलब्धियां, प्राकृतिक सौंदर्य और भौगोलिक स्थिति, छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख व्यक्तित्व और राज्य की विशेषताएँ...... आदि राज्य के 72 विषयों पर छंदबद्ध रचना (पद्य) लिखा गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के 57 साहित्यकार एवं भारत के विभिन्न राज्यों से 13 साहित्यकारों ने अपने छंदबद्ध साहित्य सृजन कर अपना विशेष योगदान दिया है।सबसे खास बात है कि इस ग्रंथ में सबसे अधिक महिलाओं (41) ने अपनी भूमिका निभाई है।
इस तरह पद्य(छंदबद्ध) में छत्तीसगढ़ का वर्णन करना अभिनव पहल करने का प्रयास किया गया है।
छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन छंदमयी विशाल साझा संकलन* गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना स्थान बना चुका है।इस पुस्तक से दो रिकॉर्ड बन चुकें है जो निम्नानुसार है..
पहला
*First book presenting a state encyclopedia in poetic form*
काव्य रूप में एक राज्य विश्वकोश प्रस्तुत करने वाली पहली पुस्तक
और दूसरा
*Book with most varieties of verses*