शुभ दोहे....
शुभ जयंती..स्व.बंशीलाल महतो जी
नेता बंशी लाल जी,रहे राज्य की शान।
छत्तीसगढ़ जन जनता,देते है सम्मान।।
कर्मठ नेता राज्य के,सुंदर किया विकास।
सांसद रहकर कर्म से,फैला दिया उजास।।
नेक चिकित्सक भी रहे,अनुपम जनहित काज।
जन जन के नित कष्ट हर,सुंदर किया ईलाज।।
जीवन तो सामान्य था,सरल सहज थे भाव।
छत्तीसगढ़ी बोल से,रखते बहुत लगाव।।
सच्चे मन के भाव थे,किया राज्य उत्थान।
दीन दुखी के पीर को,समझा एक समान।।
जनहित के उत्थान पर,किया नेक नित कर्म।
मानवता का भाव रख,सदा निभाया धर्म।।
युवा जगत को नित किया,रोजगार से तृप्त।
सुंदर सारे भाव थे,मन था नेक अदृप्त।।
जनता आहत है हुई,शोकाकुल चहुँओर।
नयन नीर अविरल बहे,मन को दिया झिंझोर।।
विनम्र देते भाव हम, अपने शीश झुकाय।
मार्ग शांति का नव मिले,मन नित पुष्प चढ़ाय।।
आशा आजाद
मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़
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