Monday, 3 August 2020

सर्व गामी सवैया

सर्वगामी सवैया

दारू पिये मा भुलाये ग तैं हा समै मोल होथे सबो ला भुलाये।
माते पड़े राह मा देख तोला धरे देख अंजान तोला उठाये।
ठेनी करे रोज मारे बिना काज बीबी ह रौवै सदा तैं सताये।।
बेहोस होके सबो मान खोके खुशी भूलके जिंदगानी गवाये।।

सर्वगामी सवैया

दाई ददा के करौ रोज पूजा सदा बोलथे मीठ बानी सुनौ जी।
संसार मा नाव जानौ बड़े हे इही देत हे जिंदगानी सुनौ जी।
संघर्ष रद्दा म रेगैं सदा सीख देवै गढ़े हे कहानी सुनौ जी।
हावै इही ज्ञान बानी के दाता इही हे दया दान दानी सुनौ जी।।

सर्वगामी सवैया

बेटी पढ़ादौ लिखादौ सबो नेक रद्दा म रेगैं इही ज्ञान देवौ।
बोझा न मानौ इही सान हावै सबो ला कहौ जी मया मान देवौ।
कापी धराके किताबो धराके ग बस्ता म राखै पढ़ैं दान देवौ।
शिक्षा ल पाही बड़ा नाव होही मया प्रेम बेटा सही ज्ञान देवौ।।

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