सरसी छंद-हिंदी है अभिमान देश का
हिंदी है अभिमान देश का, विश्व करे सम्मान ।
हिंदी लेखन मान बढ़ाता, हृदय भाव की शान ।।
हिंदी है आवाज हृदय की,सृजन भाव आधार।
हिंदी लेखन श्रेष्ठ जगत में, करे सदा उद्धार।।
हिंदी भाषा यही सिखाती, रखें प्रेम का भाव ।
बाँटें शिक्षा हिंदी में हम, कभी न हो अलगाव ।।
हिंदी से हम ज्ञानी बनते, करते नित्य विकास ।
नेक भाव से हिंदी सीखें, भरे हृदय उल्लास ।।
हिंदी का सम्मान करें सब, करें नित्य संचार ।
हिंदी भाषा मेल बढ़ाये, इससे ही उद्धार ।।
हिंदी में नित काव्य गढ़े हम, एक रहे आगाज ।
जन-जन तक हिंदी पहुँचाये, दें जनहित का साज ।।
हिंदी भाषा हृदय बसाकर, नित्य बढ़ायें प्रेम ।
जनहित से उद्धार नित्य हो, सदा रहे सब क्षेम ।।
रचनाकार - आशा आजाद कृति
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