देश के सभी दिव्यांगों को समर्पित
हरिगीतिका छंद
दिव्यांग दिवस
जीवन नया सुंदर सरल,करते नमन हम आज है।
वंदन नमन दिव्यांग को,करते स्वंय जो काज है।
सुंदर हृदय के भाव है,सुंदर सभी संस्कार है।
भारत देश की शान है,अपना यही सम्मान है।।
कर्मठ बनो साहस रखो,नित कर रहे सब कामना।
दुख का समय गर साथ हो,डटकर करो सब सामना।।
सुंदर हृदय के भाव से,नव काज को ऐसा धरो।
चाहे भले दिव्यांग हो,जीवन सफल सुंदर करो।।
बरवै छंद...
दिव्यांग दिवस
नेक व्यवहार...
तन से होय भले ही,जो दिव्यांग।
नही जानते लेकिन,करना स्वांग।।1
पावन रहे भावना,सुंदर नेक।
कोई दिव्यांग रहे,पर हम एक।।2
हृदय भाव में रखते ,सुंदर भाव।
जीत सदा लेते है,नेक स्वभाव।।4
खुद का पालन पोषण,भरते पेट।
अपनी दुख पीड़ा को,रखें समेट।।5
नमन करौ सब दे दो,ये सम्मान।
गर्व करो सब भारत,की संतान।।।6
सुंदर हँसते रहते ,मीठे बोल।
मानवता के रस को,रखते घोल।।7
संदेश...
नेक भाव से करते,जायें काम।
मन में साहस रखकर,करलें नाम।।8
आगे बढ़ जायें हो,नेक विचार।
मुश्किल में भी समझे,ना लाचार।।9
कर्मठता से बढ़ना,आगे जाय।
नेक करम से सुंदर,नाम कमाय।।10
आशा आजाद
सहायक प्राध्यापक भूगर्भशास्त्र विभाग
शा.इ.वि.स्नातकोत्तर महा.कोरबा (छ.ग.)
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