Thursday, 31 July 2025

Golden book of world recorded book'छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन' विश्वस्तरीय किताब

छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन " जो एक विशाल छंदमयी साझा संकलन है, जिसमें 1019 पृष्ठ हैं एवं छत्तीसगढ़ के 72 विषयों के साथ साथ 117 प्रकार के छंदों में विषयों को छंदबद्ध किया गया है। छत्तीसगढ़ एवं विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने अपना अमूल्य योगदान देकर इस ग्रंथ को मूल रूप दिया है।यह अनमोल ग्रंथ छत्तीसगढ़ के लिए एक वरदान सिद्ध होगा।शिक्षा की दृष्टि से छात्र छात्राएँ इसका अध्ययन कर लाभान्वित होंगे।
छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन में संपादकीय प्रमुख डॉ. आशा आजाद, सुकमोती चौहान"रुचि" छत्तीसगढ़ की दो बेटियों ने अपने एक वर्ष के अथक प्रयास और संघर्ष से यह ग्रंथ तैयार किया है। इस ग्रंथ में छत्तीसगढ़ बनाने के लिए किये गये 5 वर्षीय अखण्ड आंदोलन व संघर्ष, छत्तीसगढ़ के इतिहास, विकास गाथा, राज्य की उत्पत्ति, आधार, आकार, संरचना,सीमाएँ, जनसांख्यिकी, सामाजिक ढांचा, राजनैतिक परिवेश, आर्थिक स्थिति, राज्य की संस्कृति, कला और साहित्य, राज्य की उपलब्धियां, प्राकृतिक सौंदर्य  और भौगोलिक स्थिति, छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख व्यक्तित्व और राज्य की विशेषताएँ...... आदि राज्य के 72 विषयों  पर छंदबद्ध रचना (पद्य) लिखा गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के 57 साहित्यकार एवं भारत के विभिन्न राज्यों से 13 साहित्यकारों ने अपने छंदबद्ध साहित्य सृजन कर अपना विशेष योगदान दिया है।सबसे खास बात है कि इस ग्रंथ में सबसे अधिक महिलाओं (41) ने अपनी भूमिका निभाई है।
इस तरह पद्य(छंदबद्ध) में छत्तीसगढ़ का वर्णन करना अभिनव पहल करने का प्रयास किया गया है।
छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन छंदमयी विशाल साझा संकलन* गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना स्थान बना चुका है।इस पुस्तक से दो रिकॉर्ड बन चुकें है जो निम्नानुसार है..
 पहला   
*First book presenting a state encyclopedia in poetic form*
काव्य रूप में एक राज्य विश्वकोश प्रस्तुत करने वाली पहली पुस्तक
 और दूसरा
*Book with most varieties of verses*
छंदों की अधिकांश किस्मों के साथ बुक

'मध्य भारत का फेफड़ा हसदेव' विश्वस्तरीय किताब

मध्यभारत का फेफड़ा हसदेव" जो एक विश्वस्तरीय विशाल काव्यमयी साझा संकलन है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं वरन् देश-विदेश से भी साहित्यकारों ने इस विषय विशेष पर अपनी रचनाओं के माध्यम से "मध्यभारत का फेफड़ा- हसदेव" में अपनी रचनाओं के माध्यम से इस काव्य संकलन को अलंकृत किया है। इस किताब को इस उद्देश्य से लिखा गया है कि छत्तीसगढ़ हसदेव अरण्य जो आज खतरे में है, उसके संरक्षण और संवर्धन को लेकर लिखी गई है। इस किताब में साहित्यकारों ने काव्य एवं आलेख के माध्यम से अपनी-अपनी भावाभिव्यक्ति की है, जिसमें पर्यावरण का संदेश निहित है।
इस विश्वस्तरीय किताब में 101 साहित्यकार सम्मिलित है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से 91, भारत के विभिन्न राज्यों से 08, आस्ट्रेलिया से 01, कैलिफोर्निया से 01 साहित्यकारों ने अपना काव्य सृजन कर विश्व कीर्तिमान में अपना विशेष योगदान दिया है। यह विशाल काव्यमयी साझा संकलन भारत की उपलब्धि पर भिन्न-भिन्न अभिव्यक्तियों पर आधारित है, जिसमें कुल 300 पृष्ठ है।
     इस ग्रंथ के संपादक के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य में जन्मीं डॉ. आशा आजाद "कृति" है एवं समन्वयक के रूप में श्री मंगल उरांव (उपमहाप्रबंधक, भटगाव क्षेत्र) एवं मुख्य सलाहकार के रूप में डॉ. उदयभान सिंह चौहान जी के सहयोग से तैयार किया है। यह काव्य साझा संकलन भारत देश को समर्पित है, जिसमें साहित्यकारों ने अपनी अमूल्य भूमिका निभाई है और संदेशप्रद भावनाओं की अभिव्यक्ति की है। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ही नहीं वरन् पूरे विश्व के लिए यह किताब प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में लाभकारी सिद्ध होगी।
_इस ग्रंथ को “गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में स्थान प्राप्त हो चुका है।”_

*Title : “Madhyabhaarat ka Phephada - Hasadev”*
*First poetry book on tree and forest protection*

*शीर्षक: मध्यभारत का फेफड़ा हसदेव*
*पेड़ और वन संरक्षण पर पहली कविता पुस्तक*

संपादक -डॉ.आशा आजाद"कृति", प्रदेश संयोजिका, वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर
समन्वयक - श्री मंगल उरांव, उपमहाप्रबंधक, भटगांव क्षेत्र, सरगुजा, छत्तीसगढ़

Tuesday, 22 July 2025

"मध्यभारत का फेफड़ा हसदेव" विश्वस्तरीय किताब-19.01.2025

गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड 2024
पेड़ और वन संरक्षण पर पहली कविता पुस्तक*
First poetry book on tree and forest protection

चंद्रयान तीन विश्व कीर्तिमान किताब-23.07.2024

गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड 2024(चंद्रयान तीन विश्व कीर्तिमान किताब, अन्तर्राष्ट्रीय किताब-संपादकीय)
             1-*भारतीय चंद्र मिशन पर पहली काव्य पुस्तक*
First poetry book on Indian lunar mission