Thursday, 17 September 2020

दोहावली-शांत चित्त मन(विश्व शांति दिवस)

आशा की अमृतवाणी


दोहावली- शांत चित्त मन


शांत चित्त मन को रखें, क्रोध बिगाड़े काम ।

जोश द्वेष की आग से, बुरा हुआ अंजाम ।।


शांत हृदय के भाव हो, सरल बने सब काज ।

सुखमय जीवन के लिए, धैर्य बने आगाज ।।


शांत रहे मन सीख दें, मृदुवाणी संवाद ।

निर्मल पावन मन धरें, रखें जिसे सब याद ।।


शीतलता दें क्रोध को, ऐसा होवै कार्य ।

प्रेम बढ़े जिस बात से, बात करें वो धार्य ।।


विश्व शांति की राह ही, अपना हो आधार ।

धृणा भाव को सब तजे, करें नेक व्यवहार ।।


जिम्मेदारी बहुत है, रहता हृदय अशांत ।

मानव व्याकुल हो रहा, ढूँढ रहा एकांत ।।


आओ मिलकर प्रण करें, होगें नही हताश ।

हर मुश्किल में शांत रह, अंतर भरें प्रकाश ।।


रचनाकार-आशा आजाद"कृति"




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