Monday, 3 August 2020

गद्य आमा के अथान

छत्तीसगढ़ मा आमा के अथान-श्रीमती आशा आजाद

आमा के रुख अउ ओखर गुन

हमर छत्तीसगढ़ राज के जतको बखान करे जाय कम हे।हमर छत्तीसगढ़ के भुइयाँ के महिमा अपार हे,अनगिनत धन संपदा हावै जेन राज के मान बढ़ात हावै।ओमा ले एक अनमोल फल हे आमा।हमर छत्तीसगढ़ राज मा हमर छत्तीसगढ़ियाँ मन आमा ला दवा के रुप मा मानथे।ऐला हमर शियान मन गिनती नइ करे जा सके अतका गुन ला बता के गिन हे।ए भुइयाँ मा आमा के रुख के गिनती नइ करे जा सके,जेन डहर जाहूँ आमा के रुख देखे ला मिल जाथे।आमा ला राष्ट्रीय फल घोषित करे गे हे।बिटामिन ए अउ सी ले भरपूर रहिथे।आवौ छत्तीसगढ़ के आमा के बिषय मा कुछ जानकारी ला जानबो।
कातिक के बाद आमा हा मउरे चालू हो जाथे,अउ मई अप्रैल मा फरे बर चालू होथे।आमा के झोरफा हा देख के मन अड़बड़ ललचाथे।मइ जून मा पाके पाके आमा हा भुइया मा टप टप गिरथे अउ ओ आमा के सुवाद कहे नइ जा सके अतका स्वादिष्ट होथे जेन खाथे ओहा ओखर मजा ला बता सकत हे,ओला छत्तीसगढ़ मा चुस्की आमा कहिथे।
हमर छत्तीसगढ़ के आमा ला लगाये के जरुरत घलो नइ परै तइहा के सियान मन के खाये आमा अउ फेंके गुठली हा आज बड़खा आमा के रुख बनगे हावै,जेन रुख के आमा ला आज हम खात हावन।आज हमर भुइयाँ के आमा ला खाके ओखर गुठली जिहाँ तिहाँ फेक देथन तेहा असाड़ के मउसम मा पानी बादर के पड़े ले जाम जाथे।ए हमर भुइयाँ के आमा के खास बात हे।
हमर छत्तीसगढ़ मा देशी आमा के भारी कीमत हे । बारामासी आमा के सुवाद हा अबड़ मीठा होथे।हमर भारत भुइया मा हजार ले जादा आमा के किसम हे।हमर भारत भुइयाँ के देशी आमा के नाव ,कलमी,दशहरी, लँगडा, चौसा, फजरी, बाम्बे ग्रीन, अलफांसो, तोतापरी, हिमसागर, किशनभोग, नीलम, सुवर्णरेखा,वनराज मन ला उन्नत प्रजाति माने गेहे।एखर किसम के आमा के खेती कर देश बिदेश मा भेजे जाथे।हमर भुइयाँ के किसान मन आमा के खेती घलोक करथे अउ आमा के उन्नत किसम के पउधा ला बेचथे अउ जम्मो डहर बगराथे जेखर ले छत्तीसगढ़ राज के धन संपदा हा बाढ़त हावै।
आमा के रुख हा 30-90 फुट ऊँचा तक होथे,एकर छाली हा मठमइला,करिया,खुरदुरा अउ लकरी हा अबड़ ठस होथे।पत्ता हा भाला कस नुकीला रहिथे।
छत्तीसगढ़ मा आमा हा खाये के अलावा अबड़ काम आथे,ओला अलग अलग विधि ले सहेज के अउ सुग्घर रखे जाथे आवौ एला जानथन..

1-छत्तीसगढ़ के आमा के अथान सबले बढ़ियाँ होथे अउ स्वादिष्ट होथे,ऐमा आमा ला सउघे सउघे बीच ले चार छोटे छोटे चानी करके ओमा लसुन, जीरा अउ सरसो ला कउल के नून,लाल मिरचा ला पीस के,सरसो तेल संग मा
भरावन बर तियार कर आमा के बीच मा भरे जाथे,ए अथान ला कतको साल तक सहेज के रखे जा सकत हे।हमर राज के सान हे आमा के अथान।
2-हमर राज मा अम्टहा आमा ला जादा अमचूर बना के रखे जाथे ।ऐमा आमा ला छोलनी मा छील के पातर पातर काट के सुखो लिये जाथे।सुखाय के बाद ए अमचूर ला कतको साल तक राख सकत हन।अमचूर ला अम्मटहा साग मा डाले जाथे एखर साग हा अब्बड़ मिठाथे।
3-आमा के अथान जेमा आमा ला छै आठ चानी करके अथान बोरे जाथे जेला हर घर मा बनाथे।
4-आमा के अमचूर पाउडर पीस के बनाये जाथे,ऐहा सेहत बर बहुत फायदा करथे,पेट के अपचन,दरद,गैस बनाथे जेला दूर कर देथे।
4-घाम के महिना बर ता आमा ह अमरित हे,एला भून के छिलका ला निकाल के एखर गुदा ला पीस लिये जाथे अउ ओमा जीरा ,करिया नमक,पुदीना पत्ता,हींग डाल के पिये ले हमर तन मा लू (अति घाम)नइ लगे।
5-आमा के छिलका मा मैलिक अम्ल हा मौजूद रहिथे ऐला पीस के खाय मा बवासीर जइसन बीमारी दूर हो जाथे।
6-आमा रुख के छाली,जड़ अउ पत्ता हा हमर तन बर अमरित बरोबर हे ऐला पीस के खाय ले खूनी बवासीर,वात,पित्त,कफ ला जड़ ले नाश कर देथे।
7-एखर पत्ता ला जला के एखर धुँआ ला लेहे ले गला के हिचकी हा तुरते ठीक हो जाथे।
8-एखर मउर(फूल)ला सुखो के पीस के खाय ले दस्त ठीक हो होथे।
9-आमा के छाली हा बलगम के सबले बड़े दवा हे।
10-पाका आमा मा बहुत अकन पोषक तत्व,ताकत देहे के शक्ति होथे,ऐला खाय ले चरबी घलो बाड़थे।

दोहा....
हमर राज मा आम के,डालय अबड़ अथान।
अबड़ रोग के हे दवा,आमा के गुन जान।।

आलेख-श्रीमती आशा आजाद
पता मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़

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