Sunday, 19 April 2020
राधेश्यामी /आधार छंद गीत
राधेश्यामी छंद-16-16
संबंधों के बंध न छूटे,आओ कुछ पल संवाद करें,
बात न भाये हृदय भाव को,कुछ भूल चले कुछ याद करें।
मृदुवाणी भी काम न आये,मन में जब हो आक्रोश भरा,
होश गँवाकर संवाद करे जो,सुलझे कैसै जब जोश धरा,
साथ अगर चलना हो सबके,सब्र रखें नही अतिवाद करें,
संबंधों के बंध न छूटे,आओ कुछ पल संवाद करें।
संयम जीवन में उपयोगी,सब अंर्तमन नित्य धीर धरें,
प्रेम भाव से संबंध बनाये,क्रोध जोश है गंभीर डरें,
निभ जाते है बंधन सारे,सदा सत्य की बुनियाद करें,
संबंधों के बंध न छूटे,आओ कुछ पल संवाद करें।
अहम् भाव की जगह न होती,जो संबंधो के मध्य रहे,
मित्रगणों का साथ अगर हो,विश्वास धरें मन सत्य कहे,
आशाएँ जो बाँधी हमने,उस बंधन का प्रतिनाद करे,
संबंधों के बंध न छूटे,आओ कुछ पल संवाद करें।
रचनाकार -श्रीमती आशा आजाद
कोरबा छत्तीसगढ़
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