Sunday, 19 April 2020

तातंक छंद गीत

तातंक छंद गीत

देश प्रेम में कर्म करेंगे,सुंदर जग हो जाएगा,
अनुशासन के पालन से ही,नवपरिवर्तन आएगा।

द्वेष कपट का दूरभगाकर,मानवता को लाना है,
सत्य हृदय मे वास करे ये,नित्य हमें अपनाना है,
जब अनुशासित मानुष होगा,पाप पनप नही पाएगा,
देश प्रेम में कर्म करेगें,सुंदर जग हो जाएगा।

मातृ वंदना नित्य करें तो,मान बचेगा नारी का,
माँ बेटी औ बहन कहेगें,समझे मन अवतारी का,
नेक हदय का भाव रखेगें,तब मानव कहलाएगा
देश प्रेम में कर्म करेगें,सुंदर जग हो जाएगा।

अंतस मन से प्रण ये करलो,सारे भेद मिटाएगें,
निर्मलता को धारण करके,रिश्तें सभी निभाएगें,
नवपरिवर्तन करना हमको,मन में सोच समाएगा,
देश प्रेम में कर्म करेगें,सुंदर जग हो जाएगा।

रचनाकार - श्रीमती आशा आजाद
पता - मानिकपुर कोरबा छत्तीसगढ़

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